"प्रभु तुम् मुझे शक्ति दो, खुद पर करूँ विश्वाश।
"प्रभु तुम् मुझे शक्ति दो, खुद पर करूँ विश्वाश।
क्योंकि मेरे लिए है जमीं, मेरे लिए है आकाश।
उन सब को मेरा नमन, जिनसे ये जीवन मिला।
गुरुजन और माता-पिता, त्रुटियों को करना क्षमां।
जो कुछ भी मैं ठान लूँ, पूरा मैं उसको करूँ।
चाहे हो बाधा कोई, ना मैं रुकूँ ना डरूँ।
जाना हैं मुझको शिखर, खुशियाँ ही खुशियाँ जहाँ।
और सपने है मेरे बड़े, प्रभु रखना अपनी कृपा"।।
Edited by"सुनील कुमार"









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